"ये रेशमी लहज़ा" परियों की कहानी है तितलियों की ज़ुबानी है। "ये रेशमी लहज़ा" परियों की कहानी है तितलियों की ज़ुबानी है।
अपनी मजबूरी को ताकत अपनी बनाती हूं अपनी मजबूरी को ताकत अपनी बनाती हूं
लिपटी रहूंगी साये से तुम्हारे या, तुझमें कहीं खो जाऊंगी । लिपटी रहूंगी साये से तुम्हारे या, तुझमें कहीं खो जाऊंगी ।
अगरचे इश्क़ भी करना, छिपाकर बक्स की चाबी। अगरचे इश्क़ भी करना, छिपाकर बक्स की चाबी।
तेरी ख्वाहिशों पर वार दी मैंने। तेरी ख्वाहिशों पर वार दी मैंने।
चाबी है मेरा दिल, इस दिल से दिल को मिला भी दो। चाबी है मेरा दिल, इस दिल से दिल को मिला भी दो।